Brain Tumor Early Symptoms: सिरदर्द एक ऐसी आम समस्या है जिसे ज्यादातर लोग बहुत साधारण मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। अमूमन अत्यधिक थकान, नींद की कमी, काम का तनाव, शरीर में पानी की कमी (Dehydration) या फिर लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर की स्क्रीन के सामने बैठने की वजह से सिर में दर्द होना एक सामान्य बात है। ऐसा सिरदर्द थोड़ा आराम करने या चाय-कॉफी पीने से अक्सर ठीक भी हो जाता है।
लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स और न्यूरोलॉजिस्ट्स के अनुसार, हर तरह का सिरदर्द सामान्य नहीं होता। जब सिर का यह दर्द बार-बार होने लगे या इसके साथ शरीर में कुछ अन्य असामान्य बदलाव दिखाई देने लगें, तो इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। कई बार यही बार-बार होने वाला दर्द किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या, जैसे ब्रेन ट्यूमर का शुरुआती अलार्म या संकेत हो सकता है।
असहनीय दर्द ही नहीं, साधारण संकेत भी हैं ट्यूमर के लक्षण
ब्रेन ट्यूमर को लेकर आम जनता के बीच सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि इस बीमारी का पहला और इकलौता लक्षण हमेशा बहुत तेज और असहनीय सिरदर्द ही होता है। लेकिन मेडिकल रिसर्च इसके बिल्कुल उलट बात कहती है। डॉक्टरों के अनुसार, शुरुआती चरण में यह जानलेवा बीमारी अक्सर बहुत ही साधारण और छोटे संकेतों के साथ दस्तक देती है, जिन्हें लोग रोजमर्रा की थकान या मानसिक तनाव समझकर छोड़ देते हैं।
इसी वजह से कई मामलों में इस बीमारी की सही समय पर पहचान (Early Diagnosis) नहीं हो पाती। असल में, ब्रेन ट्यूमर के लक्षण पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करते हैं कि ट्यूमर दिमाग के किस हिस्से में पनप रहा है, उसका आकार (Size) कितना है और उसके बढ़ने की रफ्तार क्या है।
जब दिमाग के किसी खास हिस्से में असामान्य कोशिकाओं (Abnormal Cells) की अनियंत्रित वृद्धि शुरू होती है, तो वह दिमाग के आसपास के संवेदनशील ऊतकों (Tissues) पर आंतरिक दबाव डालने लगती है। इसी बढ़ते दबाव के कारण शरीर में अलग-अलग तरह के लक्षण प्रकट होते हैं। उदाहरण के लिए, यदि ट्यूमर दिमाग के सोचने-समझने या याददाश्त को नियंत्रित करने वाले हिस्से में है, तो व्यक्ति को चीजें भूलने की बीमारी, किसी काम में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई या सही निर्णय न ले पाने जैसी परेशानियां होने लगती हैं। कई लोग इसे बढ़ती उम्र का असर या काम का प्रेशर मान लेते हैं, जबकि यह ट्यूमर का शुरुआती संकेत हो सकता है।
आंखों का धुंधलापन और शरीर का लड़खड़ाना भी है चेतावनी
इसी प्रकार, यदि ट्यूमर दिमाग के उस हिस्से को अपनी चपेट में लेता है जो हमारी देखने की क्षमता (Vision) को नियंत्रित करता है, तो मरीज को अचानक धुंधला दिखाई देने लगता है, एक ही चीज की दोहरी छवि (Double Vision) बनती है या उसकी नजर कमजोर होने लगती है। कुछ मामलों में मरीज को बोलने में रुकावट आती है या बातचीत के दौरान सही शब्दों का चुनाव करने में परेशानी महसूस होती है। चूंकि ये बदलाव बहुत धीरे-धीरे आते हैं, इसलिए लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते।
ब्रेन ट्यूमर का सीधा असर व्यक्ति के शारीरिक संतुलन और उसकी मांसपेशियों पर भी पड़ता है। ऐसी स्थिति में मरीज को सामान्य रूप से चलते समय लड़खड़ाहट महसूस हो सकती है, हाथ-पैरों में अचानक कमजोरी आ सकती है या रोजमर्रा के छोटे-मोटे काम करने में भी दिक्कत होने लगती है। कुछ मरीजों में अचानक स्वभाव का चिड़चिड़ापन, व्यवहार में बदलाव या लोगों से सामाजिक दूरी बनाने की प्रवृत्ति भी देखी जाती है, जिसे अक्सर डिप्रेशन या मानसिक तनाव समझ लिया जाता है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना है जरूरी?
हालांकि यह सच है कि हर सिरदर्द खतरनाक या ट्यूमर नहीं होता, लेकिन शरीर द्वारा दिए जाने वाले कुछ ‘रेड फ्लैग्स’ (खतरे के संकेत) पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। यदि आपका सिरदर्द लगातार बढ़ रहा हो, ठीक होने के बाद बार-बार वापस आ जाता हो, सुबह या रात को नींद से जगा देता हो, या फिर पहले होने वाले सामान्य सिरदर्द से बिल्कुल अलग और ज्यादा तीव्र महसूस हो रहा हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा, अगर सिरदर्द के साथ उल्टी आना (Nausea), शरीर का संतुलन बिगड़ना, नजर का कमजोर होना, हाथ-पैरों में कमजोरी महसूस होना या मानसिक भ्रम (Confusion) जैसी स्थिति बने, तो यह बेहद गंभीर मामला हो सकता है।
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