नीमच/खुशबू पाण्डेय। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मध्य प्रदेश के नीमच जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा-उषा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलना शुरू हो गया है। इन कार्यकर्ताओं के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिससे उन्हें प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगा।
यह कदम इन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित हो रहा है, जो वर्षों से गांवों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और टीकाकरण जैसी सेवाएं दे रही हैं।
आयुष्मान योजना का विस्तार: आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को मिला लाभ
आयुष्मान भारत योजना, जिसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भी कहा जाता है, पहले से ही करोड़ों गरीब परिवारों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया करा रही है। हाल के वर्षों में सरकार ने इसके दायरे को बढ़ाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और आशा कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया है। नीमच जिले में इस फैसले का अमल तेजी से हुआ है। यहां जिले के सभी 1112 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड तैयार कर दिए गए हैं।
ये कार्यकर्ताएं लंबे समय से गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत कड़ी रही हैं। वे घर-घर जाकर टीकाकरण कराती हैं, गर्भवती महिलाओं की देखभाल करती हैं और पोषण संबंधी सेवाएं पहुंचाती हैं। अब उन्हें खुद स्वास्थ्य सुरक्षा मिलने से उनका काम और आसान हो गया है।
नीमच की कार्यकर्ताओं ने जताया आभार
जिले की कई कार्यकर्ताओं ने इस योजना को अपना सुरक्षा कवच बताया है। ग्राम पंचायत भरभड़िया की आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3 की सहायिका देवकन्या सेन ने बताया कि पहले उनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। अब कार्ड बनने के बाद उन्हें भरोसा है कि अगर कोई स्वास्थ्य समस्या आई तो 5 लाख रुपये तक का इलाज बिना खर्च के हो सकेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के लिए बड़े अस्पतालों में इलाज मुश्किल होता था, लेकिन अब यह कार्ड मददगार साबित होगा।
इसी तरह, आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 की कार्यकर्ता मंजू बाला पाटीदार ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के कार्ड बनवाए हैं। अब वे किसी भी बीमारी पर सरकारी या सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पताल में निशुल्क इलाज करा सकती हैं। इससे उनका मनोबल बढ़ा है और वे अपने दैनिक कर्तव्यों को और बेहतर तरीके से निभा पा रही हैं।
सिंगोली क्षेत्र की आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3 की कार्यकर्ता रेहाना ने कहा कि पहले उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद जिले में विशेष कैंप लगाए गए, जिनमें कार्ड बनाए गए। उन्होंने बताया कि भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य समस्या में यह कार्ड काम आएगा।
जिले में कार्ड बनाने की प्रक्रिया
महिला और बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या ने जानकारी दी कि शासन के निर्देश के अनुसार जिले में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। स्थानीय निकायों और पंचायतों की मदद से विशेष कैंप आयोजित किए गए। इन कैंपों में आम लोगों के साथ-साथ इन कार्यकर्ताओं को भी कार्ड बनवाने की सुविधा दी गई।
जिले में कुल 1112 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन सभी केंद्रों पर काम करने वाली कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि इससे इन महिलाओं को चिकित्सा संबंधी सहायता आसानी से मिल सकेगी।
योजना के फायदे और महत्व
आयुष्मान कार्ड के तहत पात्र व्यक्ति को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। यह लाभ सूचीबद्ध अस्पतालों में उपलब्ध है। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताएं गांव की स्वास्थ्य सेवाओं का आधार हैं। उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा देने से उनका काम और प्रभावी हो गया है। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि इससे उनका विश्वास बढ़ा है और वे उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
यह कदम केंद्र सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसमें आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया गया है। नीमच जिले में इसकी अच्छी शुरुआत हुई है, जो अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण बन सकती है।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

