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हरियाणा में बागवानी क्रांति: CM नायब सैनी ने दी 75 करोड़ की सौगात, रईया और मुनीमपुर को मिले अत्याधुनिक केंद्र!

हरियाणा बागवानी क्रांति: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झज्जर के रईया में बागवानी अनुसंधान केंद्र और मुनीमपुर में उत्कृष्टता केंद्र सहित ₹75 करोड़ की 9 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

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नई दिल्ली। हरियाणा सरकार कृषि के साथ बागवानी क्षेत्र को भी मजबूत आधार प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झज्जर जिले के बादली विधानसभा क्षेत्र में 13.27 करोड़ रुपये की लागत से बने रईया बागवानी अनुसंधान केंद्र और 8.50 करोड़ रुपये की लागत वाले मुनीमपुर बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया।

इस मौके पर उन्होंने कुल 75 करोड़ रुपये की नौ विकास परियोजनाओं को आमजन को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, सड़क निर्माण और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये केंद्र किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज और अनुसंधान आधारित समाधान उपलब्ध कराएंगे, जिससे बागवानी क्षेत्र में हरियाणा की स्थिति और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बादली विधानसभा क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की सौगात दी

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बादली विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और घोषणाएं कीं। उन्होंने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार, हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के रईया केंद्र में झज्जर जिले के बागवानी उत्पादों और औषधीय पौधों पर विशेष अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बादली गांव में 50 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा। बुपनिया में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

खेल विकास के तहत भिंडावास में आदर्श खेल स्टेडियम स्थापित होगा। माछरौली में बीडीपीओ कार्यालय भवन के लिए 5.87 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सड़क सुविधाओं में सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग की 70 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण पर 52 करोड़ रुपये और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 25 सड़कों पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बादली गांव के उत्तरी बाईपास को फोर लेन बनाने के लिए 30 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।

किसानों की सुविधा के लिए बादली में फसल खरीद केंद्र के लिए 3 करोड़ रुपये और पाटौदा में भूमि उपलब्ध होने पर दूसरा केंद्र बनाया जाएगा। जल निकासी के लिए कई गांवों में ड्रेन पक्का करने और पाइपलाइन बिछाने पर 3.35 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च होगा। महाग्राम योजना के तहत बादली और एमपी माजरा में सीवरेज लाइन के लिए 50 करोड़ रुपये तथा पेयजल व्यवस्था के लिए 13 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। ग्रामीण विकास कार्यों के लिए अलग से 5 करोड़ रुपये की घोषणा की गई।

हरियाणा में बागवानी क्रांति: CM नायब सैनी ने दी 75 करोड़ की सौगात, रईया और मुनीमपुर को मिले अत्याधुनिक केंद्र!
हरियाणा में बागवानी क्रांति: CM नायब सैनी ने दी 75 करोड़ की सौगात, रईया और मुनीमपुर को मिले अत्याधुनिक केंद्र!

रईया अनुसंधान केंद्र बनेगा बागवानी नवाचार और किसान समृद्धि का केंद्र

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रईया में लगभग 100 एकड़ भूमि पर स्थापित 13.27 करोड़ रुपये की लागत वाले बागवानी अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र किसानों, वैज्ञानिकों और नई तकनीकों के बीच पुल का काम करेगा। यहां फल, सब्जी और पुष्प फसलों की उन्नत किस्मों पर काम होगा। जल संरक्षण, उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता सुधार और रोग-कीट प्रबंधन जैसे विषयों पर अनुसंधान किया जाएगा।

यह केंद्र हरियाणा में बागवानी को नई दिशा देगा। किसानों को कम लागत में ज्यादा उत्पादन करने वाली तकनीकें मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और प्रदेश की बागवानी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

मुनीमपुर उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने मुनीमपुर में बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का भी उद्घाटन किया। यह केंद्र नवाचार और आधुनिक तकनीक के जरिए किसानों को बेहतर बीज, उत्पादन और बाजार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। राज्य सरकार कई जगहों पर ऐसे केंद्र बना रही है, जैसे जींद का बधाना, अंबाला का चाणसौली, सोनीपत का मुरथल और करनाल का अंजनथली। चरखी दादरी के खरकड़ी में नया केंद्र भी बन रहा है।

हरियाणा बागवानी क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

पिछले साढ़े ग्यारह वर्षों में हरियाणा ने बागवानी में अच्छी प्रगति की है। ‘मेरा पानी मेरी विरासत’, भावांतर भरपाई योजना और सूक्ष्म सिंचाई जैसी योजनाओं से किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिला। भावांतर भरपाई योजना के तहत 39,557 किसानों को 196 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। सब्जी, मशरूम और संरक्षित खेती के लिए 50 से 85 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है।

प्रदेश में इजरायल तकनीक आधारित 14 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनसे फल, सब्जी, पुष्प उत्पादन और मधुमक्खी पालन में सुधार हुआ है। सरकार का लक्ष्य उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना है।

हरियाणा में बागवानी क्रांति: CM नायब सैनी ने दी 75 करोड़ की सौगात, रईया और मुनीमपुर को मिले अत्याधुनिक केंद्र!
हरियाणा में बागवानी क्रांति: CM नायब सैनी ने दी 75 करोड़ की सौगात, रईया और मुनीमपुर को मिले अत्याधुनिक केंद्र!

सतत बागवानी संवर्धन परियोजना से किसानों को बेहतर बाजार और सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2,738 करोड़ रुपये की ‘सतत बागवानी संवर्धन परियोजना’ शुरू की गई है। इसके तहत 400 बागवानी क्लस्टर विकसित होंगे और 500 उत्पादक समूहों को मजबूत किया जाएगा। 1,000 वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई जाएंगी और 65 हजार एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाया जाएगा। संरक्षित खेती, एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीनहाउस और वर्टिकल फार्मिंग को बढ़ावा मिलेगा। नई कोल्ड चेन नीति से भंडारण और निर्यात में मदद मिलेगी।

युवाओं को कृषि को उद्यमिता का माध्यम बनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से अपील की कि कृषि को केवल रोजगार की तलाश न समझें, बल्कि उद्यमिता का माध्यम बनाएं। ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल विपणन जैसी तकनीकें कृषि में नई संभावनाएं खोल रही हैं। गांवों में स्टार्टअप, प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यात उन्मुख उद्यम शुरू किए जा सकते हैं।

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का संदेश

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि कृषि में फल, सब्जी, पुष्प, मत्स्य पालन और प्रसंस्करण जैसे कई क्षेत्र हैं। युवा आधुनिक तकनीक अपनाकर कृषि उद्यमी बन सकते हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात की। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का कम उपयोग करने तथा देसी गाय आधारित खेती अपनाने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा।

ओम प्रकाश धनखड़ ने क्षेत्र की मांगों पर जोर दिया

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने चीन के पेरी अर्बन कल्चर का उदाहरण दिया जहां शहरों के आसपास बागवानी को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने बादली क्षेत्र में बागवानी के लिए विशेष योजनाएं लागू करने की मांग की और क्षेत्र की जनभावनाओं पर आधारित मांग पत्र सौंपा।

भारत-इजरायल सहयोग से बागवानी को नई दिशा

इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग बढ़ रहा है। इजरायल की तकनीक से सीमित पानी में भी अच्छा उत्पादन संभव है। हरियाणा के केंद्र इस साझेदारी के उदाहरण हैं। उन्होंने भविष्य में और मजबूत सहयोग की बात कही।

महाराणा प्रताप जयंती पर विशेष संदेश

मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें नमन किया। उनके साहस और संकल्प से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत के संकल्प में योगदान देने की शपथ दिलाई।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

कार्यक्रम में बागवानी विश्वविद्यालय के वीसी डॉ सुरेश मल्होत्रा, बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ अर्जुन सैनी, पुलिस आयुक्त डॉ राजश्री सिंह, डीसी वर्षा खांगवाल और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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