चंडीगढ़/ सुनील पाण्डेय । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के सभी शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा, ताकि नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों और छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अगले पांच वर्षों के रोडमैप और कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं, बजट घोषणाओं और संकल्प पत्र में शामिल कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हरियाणा के शहरों को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। इसके तहत गुरुग्राम और फरीदाबाद में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में योजनाओं की जानकारी देने के लिए बहुभाषी टच स्क्रीन और नागरिकों के लिए मुफ्त वाई-फाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरवासियों की सुविधा के लिए एक ‘एकीकृत सुपर ऐप’ विकसित किया जा रहा है, जिसे प्रॉपर्टी आईडी से जोड़ा जाएगा। इस ऐप के माध्यम से नागरिक प्रॉपर्टी टैक्स और पानी के बिल का भुगतान करने के साथ-साथ नगर निकाय से जुड़ी शिकायतों का समाधान भी प्राप्त कर सकेंगे। वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं तथा अन्य सरकारी विभागों की सेवाओं के लिंक भी इसी ऐप में उपलब्ध होंगे।
बैठक में वर्षा जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी भवनों तथा शहरी क्षेत्रों में 250 वर्ग गज से अधिक क्षेत्रफल वाले मकानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में 120 सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 50 नगर निकायों में 300 नए सिस्टम जल्द लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान ‘एक पेड़–मां के नाम’ अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों में एक लाख पौधे लगाने के निर्देश दिए। इनमें से 20 हजार पौधे केवल गुरुग्राम जिले में लगाए जाएंगे। साथ ही पौधों की सुरक्षा, शहरों के सौंदर्यीकरण, ग्रीन बेल्ट विकास, दीवारों पर पेंटिंग, पेड़ों की छंटाई और फुटपाथों के आसपास टाइल्स लगाने जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता देने को कहा।
‘सिस्टर सिटी’ योजना के तहत थीम आधारित शहर
बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, यमुनानगर और अंबाला में प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन्हें शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से कूड़े का वैज्ञानिक निस्तारण होगा और खाद तथा बिजली का उत्पादन भी संभव होगा। इसके अलावा पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत को विदेशी शहरों के सहयोग से ‘सिस्टर सिटी’ योजना के तहत थीम आधारित शहरों के रूप में विकसित करने, प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, दिव्यांगजन अनुकूल पार्क, नए सार्वजनिक शौचालय, मोबाइल क्लीनिक तथा मल्टीलेवल पार्किंग विकसित करने के भी निर्देश दिए गए।
हरियाणा में ‘नमो सिटी’
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में ‘नमो सिटी’ के नाम से लगभग 5,000 एकड़ में ग्रीनफील्ड सिटी विकसित की जाएगी, जिसे कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के निकट विकसित करने की योजना है। साथ ही पिंजौर में वेडिंग सिटी परियोजना को भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सरकार द्वारा वैध घोषित कॉलोनियों में पानी, बिजली, सड़क और गली जैसी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं तथा भविष्य में किसी भी नई अवैध कॉलोनी को विकसित न होने दिया जाए। अधिकारियों के अनुसार वैध कॉलोनियों में करीब 838 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें कई जिलों में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शेष स्थानों पर कार्य जारी है।

