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Delhi Aftercare Scheme: 18 साल के बाद अनाथालय छोड़ने वाले युवाओं को मिलेगा सरकारी सहारा, जानिए क्या मिलेंगे फायदे

Delhi Aftercare Scheme for Young Persons: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स' योजना की घोषणा की है। यह योजना 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद चाइल्ड केयर संस्थानों यानी अनाथालयों से बाहर आने वाले युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके पुनर्वास में सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।

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नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मदर्स डे के मौके पर ‘आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स’ (Aftercare Scheme for Young Persons) योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद चाइल्ड केयर संस्थानों यानी अनाथालयों से बाहर आने वाले युवाओं को शिक्षा, स्किल ट्रेनिंग, नौकरी और आत्मनिर्भरता के लिए मदद दी जाएगी। दिल्ली सरकार इस पहल से युवाओं के पुनर्वास को मजबूत करना चाहती है।

योजना की घोषणा और उद्देश्य

10 मई को लाजपत नगर स्थित Village Cottage Home का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह योजना शुरू करने की जानकारी दी। योजना का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं को सहारा देना है जो 18 साल की उम्र के बाद अनाथालय छोड़ने के लिए मजबूर हो जाते हैं। सरकार का मानना है कि इस उम्र में युवाओं को अकेले छोड़ देने से उनकी पढ़ाई और भविष्य प्रभावित होता है। इसलिए 18 साल के बाद भी उनकी मदद जारी रहेगी।

क्या-क्या मिलेंगे फायदे

इस योजना के तहत युवाओं को कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। इनमें उच्च शिक्षा के लिए सहयोग, स्किल ट्रेनिंग, करियर मार्गदर्शन, इंटर्नशिप के अवसर और आर्थिक मदद शामिल हैं। पुनर्वास की प्रक्रिया में भी सरकार साथ देगी। हर योग्य युवा के लिए अलग-अलग देखभाल योजना (Individual Care Plan) तैयार की जाएगी, जो उनकी जरूरतों के आधार पर बनेगी।

साल 2026-27 के लिए इस योजना पर 3.5 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। लाभार्थियों की पहचान जरूरत के आधार पर जांच के बाद की जाएगी। कोई भी युवा अपने आप आवेदन कर सकता है और उसकी स्थिति का आकलन किया जाएगा।

किसे मिलेगा लाभ

  • उम्र: 18 वर्ष या उससे अधिक
  • स्थान: दिल्ली के चाइल्ड केयर संस्थानों में रहने वाले युवा जो 18 साल पूरे होने पर संस्थान छोड़ रहे हैं
  • स्थिति: अनाथ बच्चे या वे बच्चे जिन्हें निरंतर देखभाल की जरूरत है

निगरानी और समितियां

योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य स्तर पर एक आफ्टरकेयर समिति बनाई जाएगी। इसकी अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव करेंगे। यह समिति नीति बनाने, निगरानी और समीक्षा का काम करेगी।

जिला स्तर पर भी आफ्टरकेयर समितियां गठित की जाएंगी, जिनकी अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट करेंगे। ये समितियां युवाओं की जरूरतों का आकलन करेंगी, व्यक्तिगत केयर प्लान की समीक्षा करेंगी और जरूरी मदद की सिफारिश करेंगी। नियमित निगरानी से योजना के बेहतर परिणाम आने की उम्मीद है।

महत्वपूर्ण बात

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी 18 साल के बाद भी नहीं छोड़ेगी। यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में मदद करेगी।

इस पहल से दिल्ली में रहने वाले हजारों युवाओं को नया जीवन मिलने की उम्मीद है। योजना के नियम और आवेदन की प्रक्रिया जल्द ही आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी।

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