लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाते हुए महापुरुषों की स्मृति और सांस्कृतिक विरासत को भी सम्मान दे रही है। एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज और निवेश के नए अवसरों के साथ-साथ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की रश्मिरथी कृति के हीरक जयंती वर्ष पर 24 से 26 अप्रैल तक लखनऊ में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ का आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता होंगे। यह पहल युवाओं को राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास है।
विकास और संस्कृति का संतुलित मॉडल
योगी सरकार का मानना है कि सिर्फ सड़कें, अस्पताल या रोजगार पर्याप्त नहीं हैं। समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना भी जरूरी है। इसी सोच के तहत प्रदेश में महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, सरदार पटेल, स्वामी विवेकानंद, संत रविदास, कबीरदास और झांसी की रानी जैसी हस्तियों को याद किया जाता है।
रश्मिरथी पर्व: साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन का संगम
पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 24 से 26 अप्रैल तक ‘रश्मिरथी पर्व’ मनाया जाएगा। यह आयोजन उनकी प्रसिद्ध कृति ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में है। कार्यक्रम में साहित्यिक चर्चा, नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल हैं।
24 अप्रैल को ‘रश्मिरथी संवाद’ स्मारिका का लोकार्पण होगा। साथ ही राष्ट्रीय परिसंवाद और ‘रश्मिरथी’ नाटक का मंचन किया जाएगा। 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान पर परिसंवाद होगा और संबंधित नाटक प्रस्तुत किया जाएगा।
लोकमान्य तिलक और अटल बिहारी वाजपेयी पर चर्चा
26 अप्रैल को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर चर्चा आयोजित होगी। इस दिन अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका ‘अटल स्वरांजलि’ और लोकमान्य तिलक पर आधारित नाटक भी मंचित होगा।
युवाओं को राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा
सरकार का प्रयास है कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निबंध लेखन, वाद-विवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ा जाए। ऐसे आयोजनों से युवाओं में राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होती है।
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा
योगी सरकार के कार्यकाल में अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे धार्मिक स्थलों का विकास हुआ है। इससे सांस्कृतिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिली है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। रश्मिरथी पर्व जैसे कार्यक्रम इस दिशा में एक और कदम हैं।
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