Hidden Sugar Alert: जब भी चीनी (Sugar) या मीठे का नाम लिया जाता है, तो अमूमन लोगों के दिमाग में पेस्ट्री, केक, मिठाइयां, चॉकलेट, आइसक्रीम या कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स का ही ख्याल आता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आहार विशेषज्ञों (Dietitians) का मानना है कि केवल नमकीन या तीखे लगने वाले पैक्ड फूड प्रॉडक्ट्स भी पूरी तरह से चीनी-मुक्त नहीं होते हैं। हमारे दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली ऐसी कई डिब्बाबंद और प्रोसेस्ड चीजें हैं, जिनका स्वाद मीठा नहीं होता, लेकिन फिर भी उनमें भारी मात्रा में अतिरिक्त चीनी (Added Sugar) छिपी रहती है।
नेचुरल शुगर और ऐडेड शुगर का अंतर समझना क्यों है जरूरी?
खान-पान की चीजों में मिलने वाली चीनी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:
- नेचुरल शुगर (प्राकृतिक चीनी): यह चीनी प्राकृतिक रूप से ताजे फलों, दूध, दही आदि में पाई जाती है। इसके साथ शरीर को आवश्यक फाइबर, विटामिन्स, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व भी मिलते हैं, जिस कारण यह स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाती।
- ऐडेड शुगर (अतिरिक्त मिलाई गई चीनी): यह वह प्रोसेस्ड चीनी है जिसे खाद्य पदार्थों के निर्माण के दौरान अलग से मिलाया जाता है। इसका अत्यधिक सेवन मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हृदय संबंधी रोग (Heart Diseases) और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को तेजी से बढ़ाता है।
कंपनियां नमकीन चीजों में भी क्यों मिलाती हैं चीनी?
चीनी का काम केवल किसी चीज को मीठा बनाना भर नहीं होता। खाद्य उद्योग (Food Industry) में चीनी का इस्तेमाल प्रॉडक्ट्स की बनावट (Texture) में सुधार लाने, उनका रंग और स्वाद बेहतर करने तथा एक प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव (Preservative) के रूप में उनकी शेल्फ लाइफ (टिकाऊपन) बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। यही कारण है कि नमकीन माने जाने वाले पास्ता सॉस, केचप और सलाद ड्रेसिंग में भी भारी मात्रा में ऐडेड शुगर मिलाई जाती है।
न्यूट्रिशन लेबल को सही तरीके से कैसे पढ़ें?
ऐडेड शुगर की मात्रा का सही अंदाजा लगाने का सबसे आसान माध्यम पैकेट के पीछे दिया गया न्यूट्रिशन लेबल (Nutrition Label) है। आजकल अधिकांश खाद्य पैकेट्स पर ‘टोटल शुगर’ (Total Sugar) और ‘ऐडेड शुगर’ (Added Sugar) को अलग-अलग दर्शाया जाता है।
समझने का उदाहरण:
यदि किसी खाद्य सामग्री के लेबल पर 20 ग्राम टोटल शुगर दर्ज है और उसी के नीचे 15 ग्राम ऐडेड शुगर लिखा है, तो इसका स्पष्ट अर्थ यह है कि उसमें प्राकृतिक रूप से केवल 5 ग्राम चीनी मौजूद है, जबकि बाकी 15 ग्राम चीनी प्रोसेस्ड तरीके से बाहर से मिलाई गई है।
‘शुगर’ के छिपे हुए 20 से ज्यादा नाम: कैसे धोखा खा जाते हैं उपभोक्ता?
कई बार उपभोक्ता पैकेट के अवयवों (Ingredients) की सूची में ‘शुगर’ शब्द न पाकर यह समझ लेते हैं कि उत्पाद पूरी तरह से चीनी-मुक्त है। कंपनियां चीनी को छिपाने के लिए कई अलग-अलग तकनीकी और वैज्ञानिक नामों का सहारा लेती हैं:
- सिरप और अन्य नाम: कॉर्न सिरप, केन शुगर, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप, राइस सिरप, मोलासेस, कैरेमल, हनी (शहद), अगावे।
- ‘-ओज’ (-ose) वाले वैज्ञानिक नाम: सुक्रोज, फ्रक्टोज, ग्लूकोज, डेक्सट्रोज, माल्टोज और लैक्टोज।
- सजावटी शब्द: यदि किसी प्रॉडक्ट पर ‘ग्लेज्ड’ (Glazed), ‘कैंडीड’ (Candied), ‘कैरेमलाइज्ड’ (Caramelized) या ‘फ्रॉस्टेड’ (Frosted) जैसे शब्द लिखे हों, तो इनमें भी अतिरिक्त चीनी की भारी मात्रा होती है।
‘शुगर-फ्री’ या ‘जीरो शुगर’ प्रॉडक्ट्स का कड़वा सच
बाजार में मिलने वाले ‘शुगर-फ्री’ या ‘जीरो शुगर’ प्रॉडक्ट्स में शक्कर की जगह सुक्रालोज, एस्पार्टेम, सैकरीन या स्टीविया जैसे जीरो-कैलोरी आर्टिफिशियल स्वीटनर (Artificial Sweeteners) मिलाए जाते हैं। सीमित मात्रा में इनका सेवन ब्लड शुगर पर बड़ा असर नहीं डालता, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ऐसे प्रॉडक्ट्स पूरी तरह से सेहतमंद हैं।
स्वाद और बनावट को बनाए रखने के लिए इनमें अन्य हानिकारक प्रोसेस्ड तत्व मिलाए जा सकते हैं। अत्यधिक सेवन से कुछ लोगों को पेट फूलना (Bloating) या दस्त जैसी पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
इन रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में छिपी होती है अनजानी चीनी:
- सॉस और ड्रेसिंग: टोमैटो केचप, बारबेक्यू (BBQ) सॉस, पास्ता सॉस और रेडीमेड सलाद ड्रेसिंग।
- फिटनेस प्रॉडक्ट्स: कई ब्रांडेड प्रोटीन बार और फ्लेवर्ड योगर्ट (दही)। (इन्हें खरीदते समय ध्यान दें कि प्रोटीन की मात्रा शुगर से अधिक हो)।
- डेयरी व ब्रेकफास्ट आइटम: वनीला, चॉकलेट या स्ट्रॉबेरी फ्लेवर्ड मिल्क, कॉफी क्रीमर, मूसली, ग्रेनोला, इंस्टेंट ओटमील और ब्रेकफास्ट सीरियल्स।
- स्प्रेड्स व कैन फूड: डिब्बाबंद फल, फ्रूट जैम, फ्रूट प्रिजर्व, पीनट बटर, काजू बटर और बादाम बटर।
- पेय पदार्थ: स्पोर्ट्स ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स, बोतलबंद रेडीमेड कॉफी, पैकेज्ड आइस्ड टी और पैक्ड फ्रूट जूस।
स्वास्थ्य की दृष्टि से पैक्ड ड्रिंक्स की जगह सादा पानी, बिना चीनी वाली ग्रीन/ब्लैक टी या कॉफी और अनस्वीटनर स्पार्कलिंग वाटर सबसे सुरक्षित और सेहतमंद विकल्प हैं। यदि आपको ऐडेड शुगर वाले प्रॉडक्ट्स पसंद हैं, तो उनका पूरी तरह त्याग करने के बजाय केवल उनकी मात्रा (Portion Control) पर नियंत्रण रखना ही समझदारी है।
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