लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के ताने-बाने को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार प्रदेश के 24,617 दिव्यांग विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुसार उन तक कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण पहुंचाएगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के संचालन के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2026-27 के लिए ₹9.85 करोड़ रुपये का बजट और विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।
यह संपूर्ण अभियान भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO), कानपुर के तकनीकी सहयोग से पूरा किया जाएगा। इसके तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 176 मेजरमेंट (मापन) एवं वितरण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इन विद्यालयों के छात्रों को मिलेगा योजना का लाभ
इस अभियान का सीधा लाभ परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अलावा पीएम श्री (PM SHRI) स्कूलों, सरकार द्वारा सहायता प्राप्त विद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों, बाल वाटिकाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई कर रहे चिह्नित दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलेगा।
महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार पहचान से लेकर उपकरण बांटने, दस्तावेज तैयार करने और निगरानी तक की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि शिविरों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार हो ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी छूटे न।
अगस्त से दिसंबर 2026 तक लगेंगे 176 विशेष शिविर
प्रदेश भर में अगस्त से दिसंबर 2026 के मध्य चरणबद्ध तरीके से 176 मेजरमेंट और वितरण कैंप लगाए जाएंगे। हर जिले के लिए तारीख, स्थान और लक्षित लाभार्थियों की संख्या पहले से तय कर दी गई है ताकि काम समय पर पूरा हो सके।
लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया:
- जिम्मेदार अधिकारी व शिक्षक: खंड शिक्षा अधिकारी (BEO), प्रधानाध्यापक, विशेष शिक्षक (CWSN), फिजियोथेरेपिस्ट तथा जिला समन्वयक (समावेशी शिक्षा) को जिम्मेदारी दी गई है।
- माध्यमिक शिक्षा से समन्वय: माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
जरूरत के हिसाब से मिलेंगे उच्च गुणवत्ता वाले आधुनिक उपकरण
शिविरों में दिव्यांग बच्चों की शारीरिक आवश्यकता के अनुसार एलिम्को के गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरने वाले उपकरण दिए जाएंगे:
| श्रेणी | उपलब्ध कराए जाने वाले उपकरण |
| गतिशीलता सहायक उपकरण | व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक, सी.पी. चेयर, रोलेटर |
| दृष्टि बाधित विद्यार्थियों के लिए | ब्रेल किट, ब्रेल स्लेट, स्मार्ट केन |
| श्रवण बाधित विद्यार्थियों के लिए | डिजिटल हियरिंग एड (ऑडियोमेट्री जांच और फिटिंग के साथ) |
| अन्य | आवश्यकतानुसार विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग (Prosthetics) |
समावेशी शिक्षा और आत्मनिर्भरता को मिलेगा नया बल
योगी सरकार की यह पहल केवल उपकरण बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने का प्रयास है। समय पर सही उपकरण मिलने से इन विद्यार्थियों के लिए स्कूल पहुंचना, पढ़ाई करना और दैनिक कार्यों में आत्मनिर्भर बनना काफी आसान हो जाएगा।
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