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पेट की गैस और सूजन से भी ट्रिगर होता है माइग्रेन का दर्द! राहत पाने के लिए ऐसे करें रसोई में रखी अजवाइन का इस्तेमाल।

Migraine Home Remedies: पेट में गैस, सूजन और तनाव के कारण बढ़ सकता है माइग्रेन का दर्द। जानिए गट-ब्रेन कनेक्शन और कैसे अजवाइन में मौजूद थाइमोल माइग्रेन के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

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Migraine Home Remedies: माइग्रेन का दर्द किसी भी आम सिरदर्द की तुलना में बहुत अलग और कहीं अधिक तकलीफदेह होता है। इस समस्या में व्यक्ति को सिर के एक खास हिस्से (दाएं या बाएं) में चुभन भरा तेज दर्द महसूस होता है, जो कई घंटों या कभी-कभी दिनों तक लगातार बना रहता है। वैसे तो माइग्रेन के इलाज के लिए डॉक्टरी दवाएं ही सबसे मुख्य और प्रभावी माध्यम हैं, लेकिन आधुनिक वैज्ञानिक शोध यह भी प्रमाणित करते हैं कि कुछ प्राकृतिक घरेलू उपाय इसके लक्षणों की तीव्रता को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। इन्हीं असरदार घरेलू नुस्खों में रसोई में मिलने वाली अजवाइन भी शामिल है, जो अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है।

क्या है माइग्रेन और क्यों उठता है यह दर्द?

चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, माइग्रेन मूल रूप से एक न्यूरोलॉजिकल (दिमाग की नसों से जुड़ी) समस्या है। इस स्थिति में मस्तिष्क की नसों और वहां मौजूद विभिन्न रसायनों (केमिकल्स) में अचानक कुछ बदलाव होने लगते हैं, जो दर्द की दर्दनाक प्रक्रिया को सक्रिय कर देते हैं। कई मामलों में यह गंभीर दर्द 4 घंटे से लेकर 72 घंटे (तीन दिन) तक भी खिंच सकता है।

हर व्यक्ति में माइग्रेन को ट्रिगर करने वाले यानी दर्द को बढ़ाने वाले कारण अलग-अलग हो सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, अत्यधिक मानसिक तनाव (स्ट्रेस), लंबे समय तक भूखे रहना, शरीर में पानी की कमी (डीहाइड्रेशन) होना या कुछ खास तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन शामिल है। यही वजह है कि माइग्रेन के मुकम्मल प्रबंधन में केवल दवाएं खाना ही काफी नहीं होता, बल्कि खान-पान और जीवनशैली में जरूरी सुधार करना भी उतना ही आवश्यक माना जाता है।

अजवाइन का मुख्य तत्व ‘थाइमोल’ और उसके फायदे

अजवाइन के भीतर पाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण और सक्रिय वैज्ञानिक घटक ‘थाइमोल’ (Thymol) है। चिकित्सा शोधों के मुताबिक, थाइमोल में प्राकृतिक रूप से अंदरूनी सूजन को कम करने (एंटी-इंफ्लेमेटरी), हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने (एंटीबैक्टीरियल) और दर्द की तीव्रता को घटाने वाले विशेष गुण पाए जाते हैं।

जब मानव शरीर के भीतर किसी भी वजह से सूजन की प्रक्रिया बढ़ती है, तो वह कई बार माइग्रेन के दर्द को और ज्यादा भड़का देती है। ऐसी स्थिति में अजवाइन में मौजूद थाइमोल शरीर की इस सूजन संबंधी प्रक्रिया को नियंत्रित करने में सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अजवाइन माइग्रेन का परमानेंट इलाज नहीं है, बल्कि यह केवल दर्द की गंभीरता को कुछ हद तक धीमा करने में एक सहायक की भूमिका निभाता है।

पेट और दिमाग का संबंध: ‘गट-ब्रेन कनेक्शन’

प्राचीन भारतीय आयुर्वेद पद्धति में भी अजवाइन को पाचन क्रिया को दुरुस्त करने वाली और शरीर में ‘वात व कफ’ दोष को संतुलित करने वाली एक बेहतरीन औषधि माना गया है। विज्ञान भी अब इस बात को स्वीकार करता है कि हमारे पाचन तंत्र (पेट) और मस्तिष्क (दिमाग) के बीच एक सीधा और बहुत गहरा संबंध होता है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘गट-ब्रेन कनेक्शन’ (Gut-Brain Connection) कहा जाता है।

Gut - Brain AXIS
Gut – Brain AXIS

बहुत से मरीजों में देखा गया है कि पेट में अत्यधिक गैस बनना, अपच होना और पेट फूलने (सूजन) जैसी पेट की गड़बड़ियां ही उनके माइग्रेन के दर्द को अचानक बढ़ा देती हैं। अजवाइन का सेवन करने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और पेट की गैस शांत होती है। जब व्यक्ति का पाचन तंत्र पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ रहता है, तो पेट की खराबी से शुरू होने वाले माइग्रेन के ट्रिगर्स अपने आप ही काफी कम हो जाते हैं।

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव और एंटीऑक्सीडेंट्स

अजवाइन में भरपूर मात्रा में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स भी शरीर की सेहत के लिए बेहद गुणकारी माने जाते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, शरीर में बढ़ने वाला ‘ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस’ हमारी कोशिकाओं (सेल्स) को प्रभावित करता है और कई समस्याओं को जन्म देता है।

अजवाइन में मौजूद ये एंटीऑक्सीडेंट तत्व कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक तत्वों के असर को बेअसर करने में मदद करते हैं। इसी वैज्ञानिक आधार पर यह माना जाता है कि अजवाइन का नियमित व सही इस्तेमाल शरीर में होने वाले अंदरूनी तनाव और सूजन को कुछ सीमा तक नियंत्रित करने में सहायक होता है।

राहत पाने के लिए कैसे करें अजवाइन का इस्तेमाल?

अजवाइन की गर्म पोटली का सेक: माइग्रेन का दौरा पड़ने के दौरान कई लोग पारंपरिक रूप से अजवाइन की गर्म पोटली का उपयोग करते हैं। इसके लिए तवे पर हल्की गर्म की गई अजवाइन को एक साफ सूती कपड़े में बांध लिया जाता है और फिर उसकी हल्की भाप या खुशबू सूंघी जाती है। माना जाता है कि इसकी तीखी और तेज सुगंध नाक के जरिए श्वसन तंत्र को तुरंत आराम पहुंचाती है, जिससे कई लोगों को सिर के भारीपन और जकड़न से राहत महसूस होती है।

अजवाइन का पानी: कई लोग सुबह या दर्द के समय अजवाइन का पानी उबालकर पीते हैं। अजवाइन को साफ पानी में अच्छी तरह उबालकर तैयार किया गया यह गुनगुना पेय पाचन क्रिया को तुरंत सक्रिय और बेहतर बनाने में मदद करता है। यदि किसी व्यक्ति के माइग्रेन के दर्द का सीधा संबंध गैस, बदहजमी या पेट की किसी अन्य गड़बड़ी से है, तो यह तरीका उसे काफी हद तक आराम दे सकता है।

हालांकि, यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि यह घरेलू उपाय हर व्यक्ति पर एक जैसा असर करे, यह बिल्कुल जरूरी नहीं है क्योंकि सभी के शरीर की बनावट और माइग्रेन उठने के अंदरूनी कारण पूरी तरह भिन्न हो सकते हैं। यदि आपके सिर का दर्द लगातार बना रहता है या घरेलू उपायों से आराम नहीं मिलता है, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलकर उचित इलाज कराना ही सबसे सही कदम है।

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