spot_img
27.1 C
New Delhi
Saturday, September 18, 2021
spot_img

पढ़ाई के बोझ से परेशान 6 साल की मासूम, वीडियो बनाकर पीएम मोदी से लगाई गुहार

नई दिल्ली, साधना मिश्रा: कोरोना वायरस महामारी के चलते देशभर में लगाए गए लॉकडाउन का असर बच्चों की शिक्षा पर भी हो रहा था। ऐसे में पिछले साल से ही स्कूलों और कोचिंग सेंटरस द्वारा बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन क्लासेस शुरु कर दी गई थी। लेकिन ऑनलाइन क्लासेस अटेंड करना और फिर होमवर्क करने से बच्चों पर प्रेशर काफी बढ़ गया है, जिससे अब मासूस बच्चे परेशान होते नजर आ रहे हैं। इसी बीच एक 6 साल की नन्ही सी बच्ची ने ऑनलाइन क्लासेस से परेशान होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से इसको लेकर शिकायत की है।

माहीरुह का क्यूट वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर इन दिनों इस 6 साल की बच्ची का पीएम को शिकायत करने वाला वीडियो खूब पसंद किया जा रहा है। बता दें कि इस मासूम का नाम माहीरुह है जो कश्मीर की रहने वाली है। बच्ची ने घंटो तक चलने वाली पढ़ाई और फिर ऊपर से ढेर सारे होम वर्क से परेशान होकर प्रधानमंत्री से शिकायत की है। माहीरुह का वीडियो पोस्ट होते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

यह भी पढ़े… CBSE बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं कोरोना के चलते कैंसिल, 16 लाख विद्यार्थियों को बड़ी राहत

बच्ची ने पीएम मोदी से कही ये बात
वायरल वीडियो में बच्ची कहती है कि, ‘अस्सलामु अलैकुम मोदी साहब, मैं एक लड़की बोल रही हूं। मैं जूम क्लास की बातें बोल सकती हूं। जो 6 साल के बच्चे होते हैं उनको इतना ज्यादा काम क्यों रखते हैं। सुबह जब मैं उठती हूं तभी मेरी ऑनलाइन क्लास सुबह 10 बजे शुरू होती है और दोपहर 2 बजे तक चलती है। पहले इंग्लिश, मैथ्स, उर्दू, ईवीएस और फिर कंप्यूटर की क्लास होती है। इतना काम तो बड़े बच्चों के पास होता है।’ इंटरनेट पर पोस्ट बच्ची का यह क्यूट वीडियो अब लोगों को काफी पसंद आ रहा है।

यह भी पढ़े… सालों पुरानी रंजिस को भुलाकर फिर एक हुए बॉलीवुड के ये सितारे

जम्मू-कश्मीर के उप राज्‍यपाल मनोज सिन्‍हा ने लिया एक्‍शन
हालांकि माहीरुह का यह वीडियो सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर के उप राज्‍यपाल मनोज सिन्‍हा (Lieutenant Governor Manoj Sinha) ने एक्‍शन लिया है। उन्होंने बच्ची की वीडियो को रीट्वीट करते हुए लिखा, बहुत ही प्यारी शिकायत है। साथ ही स्कूली बच्चों पर होमवर्क का बोझ कम करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को 48 घंटे के भीतर नीति बनाने का निर्देश दिया है। बचपन की मासूमियत भगवान का उपहार है और उनके दिन रोचक और आनंद से भरे होने चाहिए।”

 

Related Articles

epaper

Latest Articles