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Saturday, June 19, 2021
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घटिया हेलमेट की छुटटी, दुपहिया चालकों के लिए BIS वाले हेलमेट अनिवार्य

–केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, देशभर में आज से आदेश लागू
–कम गुणवत्ता वाले हेलमेट की बिक्री पर लगेगी रोक
-केवल बीआईएस प्रमाणित टू व्हीलर हेलमेट ही बनाए जाएंगे
–जलवायु स्थिति के अनुकूल हल्के भार के हेलमेट बाजार में बेचे जाएंगे

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : दुपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए केंंद्र सरकार ने आज एक बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत देश में अब बीआईएस सर्टिफिकेशन वाले हेलमेट ही मिलेंगे। साथ ही हेलमेट निर्माण को भी जरूरी कर दिया है। इस बावत सडक़ परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय ने दुपहिया मोटर वाहनों की सवारियों के लिए हेलमेट आदेश जारी किया है। मंत्रालय के मुताबिक देश में अब केवल बीआईएस प्रमाणित टू व्हीलर हेलमेट ही बनाए जाएंगे और टू व्हीलर बाजार में बेचे जाएंगे। इससे कम गुणवत्ता वाले हेलमेट की बिक्री कम होगी और परिणामस्वरूप टू व्हीलर चालक घातक दुर्घटना से बचेंगे।


परिवहन मंत्रालय के मुताबिक उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार देश की जलवायु स्थिति के अनुकूल हल्के भार के हेलमेट के बारे में विचार करने तथा हेलमेट का परिचालन सुनिश्चित करने के लिए सडक़ सुरक्षा समिति बनाई गई थी। इस समिति में एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों तथा बीआईएस के विशेषज्ञों सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल किए गए। समिति ने मार्च 2018 में अपनी रिपोर्ट के विस्तृत विश्लेषण के बाद देश में हल्के भार के हेलमेट की सिफारिश की। परिवहन मंत्रालय ने इस सिफारिश को स्वीकार कर लिया। समिति की सिफारिशों के अनुसार बीआईएस ने विशेष विवरणों में संशोधन किया है जिससे हल्के भार के हेलमेट बनेंगे। भारतीय बाजार में अच्छी स्पर्धा और विभिन्न हेलमेट निर्माताओं को देखते हुए आशा की जाती है कि इस स्पर्धा से अच्छी गुणवत्ता के कम भार वाले हेलमेट की मांग बढ़ेगी। बता दें कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 1.7 करोड़ टू व्हीलर बनाये जाते हैं। सरकार ने कहा कि ऐसा करने से देश में कम गुणवत्ता वाले टू व्हीलर हेलमेट की बिक्री पर रोक लग सकेगी। इससे दुपहिया वाहनों से दुर्घटना कम होगी।
बता दें कि देश में दुपहिया वाहन चालकों की हर वर्ष हजारों की संख्या में सडक़ हादसों में मौत हो जाती है। इसमें सबसे ज्यादा वजहें हेलमेट ना पहनना या घटिया किस्म का हेलमेट होना बताया जाता है।

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