Satrangi Thali benefits for pregnancy: गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार का महत्व सबसे ऊपर होता है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने हाल ही में गर्भवती महिलाओं के लिए ‘सतरंगी थाली’ के कॉन्सेप्ट पर जोर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि आपकी भोजन की थाली में अलग-अलग रंगों के फल, सब्जियां और अनाज शामिल होने चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, थाली में रंगों की यह विविधता न केवल देखने में अच्छी लगती है, बल्कि यह गर्भ में पल रहे शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स की कमी को भी पूरा करती है।
क्या है ‘सतरंगी थाली’ का मतलब?
अक्सर हम भोजन में सिर्फ स्वाद देखते हैं, लेकिन पोषण भूल जाते हैं। ‘सतरंगी थाली’ का मतलब है कि आपके भोजन में लाल, हरा, पीला, नारंगी, बैंगनी और सफेद रंग के खाद्य पदार्थ शामिल हों। जब आप अलग-अलग रंगों की चीजें खाते हैं, तो शरीर को हर तरह के सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) मिलते हैं। नेशनल हेल्थ मिशन का मानना है कि स्वस्थ भविष्य की नींव रखने के लिए सही पोषण ही सबसे बड़ा हथियार है।
हर रंग की अपनी है एक ताकत
डाइटिशियन बताते हैं कि हर रंग एक विशेष पोषक तत्व का संकेत देता है। इसे इस तरह समझें:
- हरा रंग (आयरन और फोलिक एसिड): पालक, मेथी, ब्रोकली और बीन्स। यह खून की कमी को दूर करता है और शिशु के दिमागी विकास में मदद करता है।
- लाल रंग (विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट): टमाटर, गाजर और अनार। यह मां की त्वचा और आंखों के लिए अच्छा है।
- पीला और नारंगी (विटामिन C और पोटैशियम): संतरा, केला, पपीता (पका हुआ) और कद्दू। यह इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
- बैंगनी और नीला (सूजन रोधी गुण): जामुन और बैंगन जैसे फल-सब्जियां शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।
गर्भवती महिलाओं के लिए यह क्यों है अनिवार्य?
प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर को सामान्य से अधिक ऊर्जा और पोषक तत्वों की जरूरत होती है। ‘सतरंगी थाली’ अपनाने के मुख्य फायदे निम्नलिखित हैं:
- शिशु का सर्वांगीण विकास: अलग-अलग विटामिन्स मिलने से शिशु की हड्डियां और अंग सही तरीके से विकसित होते हैं।
- मजबूत इम्यूनिटी: रंग-बिरंगे भोजन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स गर्भवती महिला को संक्रमण और बीमारियों से बचाते हैं।
- बेहतर रिकवरी: प्रसव (डिलीवरी) के बाद शरीर को दोबारा रिकवर होने के लिए प्रोटीन और फाइबर की जरूरत होती है, जो इस संतुलित थाली से भरपूर मात्रा में मिलते हैं।
- पाचन में सुधार: थाली में जब सब्जियां और फल ज्यादा होते हैं, तो फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे प्रेगनेंसी में होने वाली कब्ज की समस्या कम होती है।
एक्सपर्ट की सलाह: एक जैसा खाना न खाएं
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्भावस्था में अक्सर महिलाओं का मन किसी एक खास चीज को खाने का करता है, लेकिन डाइट में विविधता लाना जरूरी है। मौसम के अनुसार मिलने वाले फल और सब्जियों को अपनी थाली का हिस्सा बनाएं। इससे न केवल पोषण बढ़ता है, बल्कि खाने में बोरियत भी महसूस नहीं होती और भूख भी अच्छी लगती है।
सतरंगी थाली कोई फैंसी डाइट प्लान नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन की ओर एक सरल और प्रभावी कदम है। याद रखें, मां की थाली जितनी रंगीन होगी, बच्चे का भविष्य उतना ही उज्जवल और स्वस्थ होगा।
डिस्क्लेमर: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
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