नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान पैलेट गन से गंभीर रूप से घायल हुए छात्र साहिल लोहबच को न्याय दिलाने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक पुलिस इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं करती, तब तक वह थाने के बाहर से नहीं हटेंगे।
डीसीपी दफ्तर में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद शुरू हुआ सत्याग्रह
शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पैलेट गन के शिकार हुए छात्र साहिल लोहबच और उनके माता-पिता को साथ लेकर संसद मार्ग स्थित डीसीपी (DCP) कार्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने दिल्ली पुलिस की नवनियुक्त जॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद से मुलाकात कर मामले की अद्यतन स्थिति और जांच की जानकारी मांगी।
राहुल गांधी ने पुलिस प्रशासन से सवाल किया कि पीड़ित छात्र के शरीर में 200 से अधिक छर्रे होने की मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बावजूद अब तक पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की है? पुलिस अधिकारियों द्वारा तुरंत एफआईआर दर्ज करने से मना करने और मामला सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के पास होने का हवाला देने के बाद राहुल गांधी बाहर आए और थाने के मुख्य द्वार पर ही कुर्सी लगाकर धरने पर बैठ गए।
“आंख की रोशनी चली गई, दिल के पास फंसे हैं छर्रे”: राहुल गांधी
थाने के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने पीड़ित छात्र साहिल की दर्दनाक स्थिति का ब्यौरा दिया। उन्होंने एम्स (AIIMS) की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान साहिल पर पैलेट गन चलाई गई थी।
राहुल गांधी ने कहा कि साहिल के शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे घुसे हुए हैं। एक छर्रा उनकी आंख में लगने के कारण उनकी आंख की रोशनी पूरी तरह से जा चुकी है। इसके अलावा, कई छर्रे उनके दिल के बेहद करीब फंसे हुए हैं, जिन्हें डॉक्टर्स के मुताबिक सर्जरी करके निकालना जानलेवा हो सकता है।
राहुल ने सवाल उठाया कि अगर दिल्ली पुलिस का दावा है कि उसने पैलेट गन नहीं चलाई, तो फिर राजधानी के बीचों-बीच देश के युवा पर गोलियां किसने चलाईं? उन्होंने कहा कि अपराध साफ तौर पर सामने है और पीड़ित दर्द से तड़प रहा है, लेकिन पुलिस कह रही है कि उन्हें ‘ऊपर से आदेश’ है कि एफआईआर दर्ज न की जाए।
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\\\— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 21, 2026
प्रियंका गांधी समेत कई दिग्गज नेता पहुंचे थाने, सड़क पर उतरी कांग्रेस
राहुल गांधी के धरने पर बैठते ही कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी तुरंत संसद मार्ग थाने पहुंच गईं। उनके अलावा वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद, जयराम रमेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला और कुमारी शैलजा समेत दर्जनों वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए।
थाने के बाहर भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से लड़ेगी। यह सिर्फ एक छात्र का मामला नहीं है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक अधिकारों और छात्र सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

क्या है 20 जुलाई की जंतर-मंतर घटना और SC की कमेटी?
पूरे विवाद की शुरुआत 20 जून को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में शुरू हुए छात्र आंदोलन से हुई थी। 20 जुलाई को जब छात्रों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया, तब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण झड़प हुई। आरोप है कि इसी दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने 18 अगस्त को एक आदेश जारी कर 5 सदस्यीय हाई पावर्ड एन्क्वायरी कमेटी (HPEC) का गठन किया है।
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की अगुवाई वाली इस समिति में पूर्व जस्टिस रवि शंकर झा, पूर्व जस्टिस शालिंदर कौर, पूर्व सीबीआई निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व डीजीपी एल आर बिश्नोई शामिल हैं। यह कमेटी पुलिस बल प्रयोग और प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई हिंसा दोनों पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर रही है।
दिल्ली पुलिस का पक्ष और कानून-व्यवस्था की स्थिति
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार की तरफ से शिकायत प्राप्त कर ली गई है और मामले की प्राथमिक जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। चूंकि उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति इस पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है, इसलिए पुलिस कमेटी की रिपोर्ट और निर्देशों के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई करेगी।
हालांकि, कांग्रेस का स्पष्ट रुख है कि प्राथमिक जांच या अदालती कमेटी की प्रक्रिया अलग है, लेकिन संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) की स्थिति में तत्काल एफआईआर दर्ज करना पुलिस का कानूनी दायित्व है। फिलहाल संसद मार्ग थाने के बाहर गहमागहमी का माहौल बना हुआ है और राहुल गांधी समर्थकों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर डटे हुए हैं।
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