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संत निरंकारी मिशन का पर्यावरण महाअभियान, 23 अगस्त को देशभर के 630 स्थलों पर लगाए जाएंगे 10 लाख पौधे

Sant Nirankari Mission: संत निरंकारी मिशन 23 अगस्त को 'वननेस वन' अभियान के तहत 630 स्थानों पर 10 लाख पौधे लगाएगा। जानिए इस विशाल पर्यावरण जन-आंदोलन के बारे में।

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नई दिल्ली। संत निरंकारी मिशन अपने पर्यावरण संरक्षण अभियान ‘वननेस वन-प्रकृति के साथ समरसता’ के छठे चरण की शुरुआत 23 अगस्त (रविवार) को करने जा रहा है, जिसके तहत देशभर में एक साथ 10 लाख पौधे रोपे जाएंगे। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित जी के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाला यह विशाल आयोजन देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के 630 अलग-अलग स्थानों पर चलाया जाएगा। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में लाखों श्रद्धालु और स्वयंसेवक इस जन-आंदोलन में भाग लेकर पर्यावरण संतुलन और हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प दोहराएंगे।

प्रदूषण मुक्ति और प्रकृति से जुड़ाव का संदेश

बाबा हरदेव सिंह जी के प्रेरक विचारों “प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही हानिकारक है” को आधार बनाकर मिशन मानव मन की निर्मलता के साथ-साथ बाहरी वातावरण को स्वच्छ बनाने के लिए प्रयासरत है। अगस्त 2021 से शुरू हुई यह पहल अब केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर प्रकृति के साथ आत्मीय रिश्ता जोड़ने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पृथ्वी का निर्माण करने का जन-आंदोलन बन चुकी है।

350 से अधिक मिनी जंगलों का निर्माण

संत निरंकारी मण्डल के सचिव श्री जोगिन्दर सुखीजा ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से अब तक देश के विभिन्न राज्यों में लगभग 350 वृक्ष समूह तैयार किए जा चुके हैं। इसके अलावा 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थलों पर सेवादार और श्रद्धालु इन पौधों की दिन-रात देखभाल कर रहे हैं।

मिशन की कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पौधरोपण के बाद अपनी जिम्मेदारी खत्म नहीं मानता। लगाए गए प्रत्येक पौधे की तीन से पाँच वर्षों तक नियमित आधार पर सिंचाई और सुरक्षा की जाती है। इस निरंतर देखभाल के चलते ये पौधे घने लघु वनों (मिनी फॉरेस्ट) में तब्दील हो जाते हैं, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) मजबूत होता है और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है।

जलवायु संकट के दौर में सामूहिक सहभागिता की मिसाल

आज पूरा विश्व बढ़ते तापमान, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी भयानक समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे दौर में संत निरंकारी मिशन का यह अभियान समाज में प्रकृति के प्रति नैतिक जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता का भाव जगाता है।

23 अगस्त को आयोजित होने वाला यह छठा चरण न केवल लाखों की संख्या में पेड़ लगाकर पर्यावरण को सुरक्षा कवच प्रदान करेगा, बल्कि हर नागरिक को यह याद दिलाएगा कि धरती को हरा-भरा रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

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