गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर जिले को विकास की एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने जिले के पहले भव्य सिक्सलेन फ्लाईओवर सहित कुल ₹995 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इस अवसर पर आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आस्था, सुरक्षा, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दों पर पूर्ववर्ती सरकारों— समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए जिन्होंने निरंतर आस्था और जनभावनाओं पर चोट पहुंचाई, वे ही आज सबसे बड़े आस्थावान बनने का ढोंग कर रहे हैं।
₹995 करोड़ की 14 प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
गोरखपुर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने 14 प्रमुख विकास परियोजनाओं की सौगात दी:
- लोकार्पण (4 परियोजनाएं – ₹813.52 करोड़): इनमें टीपीनगर-पैडलेगंज मार्ग पर निर्मित 2.6 किलोमीटर लंबा सिक्सलेन फ्लाईओवर प्रमुख रूप से शामिल है, जो शहर को भीषण जाम से मुक्ति दिलाएगा।
- शिलान्यास (10 परियोजनाएं – ₹181.77 करोड़): विभिन्न क्षेत्रों में जनसुविधाओं, सड़कों और नागरिक व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
‘रामभक्तों पर गोली चलाने वाले किस मुंह से आस्था की बात करते हैं?’
विपक्षी दलों के बयानों और नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा आस्था पर उपदेश दिया जाना बेहद हास्यास्पद प्रतीत होता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीखे बोल:
“सपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान ऐतिहासिक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन में पग-पग पर बाधाएं खड़ी कीं और निहत्थे रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने तो भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिए थे और मंदिर आंदोलन को रोकने के लिए सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में वकीलों की फौज खड़ी कर दी थी। ये दल आज किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं?”
सीएम योगी ने आगे कहा कि 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में पर्व और त्योहार शांतिपूर्वक नहीं मनाए जाने दिए जाते थे। होली, विजयदशमी, दुर्गापूजा, रामनवमी और कृष्ण जन्माष्टमी जैसे पावन अवसरों पर राज्य में आए दिन दंगे और उपद्रव होते थे तथा कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाए जाते थे।
‘सैफई सिंडिकेट’ और अराजकता का युग समाप्त
पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले राज्य के युवाओं, व्यापारियों और किसानों का खुलकर शोषण किया गया:
- सैफई सिंडिकेट का कब्जा: जब भी राज्य में कोई सरकारी नौकरी निकलती थी, उस पर ‘सैफई सिंडिकेट’ डकैती डाल देता था। इससे प्रदेश के होनहार युवाओं के सामने पहचान और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया था।
- इंसेफेलाइटिस का दंश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में जापानी इंसेफेलाइटिस की वजह से हजारों मासूम बच्चों की अकाल मौत हो जाती थी, लेकिन तत्कालीन सरकारें कान में रुई डालकर सोती रहीं। इस मानवीय त्रासदी और शोषण को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
- बंद कराई गईं चीनी मिलें: वर्ष 2007 से 2017 के बीच सपा और कांग्रेस की सरकारों ने राज्य की 29 चीनी मिलों को बंद कर दिया। इनमें से 21 मिलों को कौड़ियों के भाव (औने-पौने दामों) बेच दिया गया। पडरौना चीनी मिल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ₹200 करोड़ की जमीन और बहुमूल्य स्क्रैप वाली मिल को महज ₹2 करोड़ में बेच दिया गया।
माफिया और मच्छर के भय से मुक्त हुआ गोरखपुर
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के बदलते परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 10 वर्ष पूर्व गोरखपुर की पहचान गुंडों, माफियाओं, गंदगी और मच्छर से होती थी। भय के माहौल के कारण कोई भी व्यापारी या निवेशक गीडा (GIDA) में पूंजी लगाने को तैयार नहीं था।
आज जब राज्य में कानून का राज और सुरक्षा का वातावरण स्थापित हुआ है, तब गोरखपुर निवेश का बड़ा केंद्र बन चुका है। अकेले गीडा क्षेत्र में लगभग 50,000 युवाओं को सम्मानजनक नौकरी और रोजगार प्राप्त हुआ है। आज हर व्यक्ति गोरखपुर में जमीन खरीदने और अपना घर बनाने की इच्छा रखता है।
9 वर्षों में 9 लाख से अधिक पारदर्शी सरकारी नौकरियां
डबल इंजन सरकार के रिपोर्ट कार्ड को प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास और पारदर्शी व्यवस्था से बड़े बदलाव आए हैं:
| क्षेत्र | डबल इंजन सरकार की उपलब्धि |
| सरकारी नौकरी | 9 वर्षों में बिना किसी भेदभाव के 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां। |
| निजी निवेश से रोजगार | लगभग 65 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर। |
| स्वरोजगार व उद्यम | ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) से 3.25 करोड़ युवाओं और कारीगरों को आत्मबल। |
| चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर | इंसेफेलाइटिस का पूर्ण उन्मूलन; गोरखपुर में AIIMS, बीआरडी मेडिकल कॉलेज का कायाकल्प और हर जिले में मेडिकल कॉलेज। |
| उद्योग एवं कृषि | 1990 से बंद पड़ा गोरखपुर खाद कारखाना पुन: शुरू, जिससे किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो रहा है। |
पर्यटन और कनेक्टिविटी का नया मॉडल बना रामगढ़ताल
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 साल पहले तक रामगढ़ताल एक सुनसान और बदहाल स्थल था, जहां अपराधी वारदातों को अंजाम देकर शव फेंक दिया करते थे। आज वही रामगढ़ताल राज्य का सबसे खूबसूरत पर्यटन और आजीविका केंद्र बन चुका है। देर रात तक हजारों परिवार वहां भ्रमण करते हैं और अब वहां फिल्मों की शूटिंग भी हो रही है। मुक्तेश्वरनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार पूरा हो चुका है तथा झारखंडी महादेव मंदिर के पुनरोद्धार का प्रस्ताव भी मांगा गया है।
Connectivity के विषय में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सुगम आवागमन ही तीव्र प्रगति का आधार है:
- सड़क मार्ग: गोरखपुर से लखनऊ की दूरी जो पहले 7-8 घंटे में तय होती थी, वह अब मात्र 3.5 घंटे में पूरी होती है। वाराणसी की दूरी 5-6 घंटे से घटकर 2.5 घंटे रह गई है।
- वायु व रेल मार्ग: गोरखपुर एयरपोर्ट से अब 14 फ्लाइट्स संचालित हो रही हैं। इसके अलावा वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें शहर को जोड़ रही हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ और स्वच्छता का जनांदोलन
संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों के पालन का आह्वान किया:
मुख्यमंत्री का आह्वान:
- स्वच्छता एवं स्वास्थ्य: बरसात के मौसम में नालियों व सड़कों पर कचरा न फेंकें। जलभराव रोकने के लिए सार्वजनिक नालों पर अतिक्रमण से बचें ताकि मच्छर व विषाणुजनित बीमारियां न पनप सकें।
- पौधरोपण: जैव विविधता के संरक्षण के लिए खाली स्थानों पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा लगाएं और उसकी सुरक्षा करें।
- रेनवाटर हार्वेस्टिंग: वर्षा जल का संचयन (Rainwater Harvesting) करने के लिए छोटे-छोटे प्लांट लगाएं। राप्ती, गोर्रा नदी, रामगढ़ताल और चिलुआताल जैसे विशाल जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें।
कार्यक्रम में गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति
इस भव्य कार्यक्रम के दौरान कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता और कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास समेत अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।
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