गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम प्रत्येक भारतीय के अंतःकरण में अगाध श्रद्धा और भक्ति के साथ रचा-बसा है। हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम वास करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानव जीवन में भक्ति के बिना केवल अंधकार, अराजकता और अज्ञानता ही व्याप्त रहती है। जीवन को सुगम, सरल और प्रकाशमय बनाने के लिए हमें भक्ति और ज्ञान का अनुगामी बनना पड़ेगा, जिसकी प्राप्ति श्रीराम कथा और श्रीमद्भागवत जैसे पावन माध्यमों से ही संभव है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय (सप्तदिवसीय) श्रीराम कथा के भव्य शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।
भक्ति के बिना जीवन में केवल अंधकार और अज्ञानता
मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ का पूर्ण विधि-विधान से पूजन करने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर ने भक्ति की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जहां जीवन में ईश्वर भक्ति का अभाव है, वहां केवल अंधकार और अज्ञानता का साम्राज्य होता है। इस अंधकार और अराजकता से मुक्ति पाने का एकमात्र सशक्त माध्यम भक्तिसम्मत ज्ञान ही है।
सीएम योगी का मुख्य संदेश:
“भगवान श्रीराम का नाम एक ऐसा पावन आलंबन है, जिसे बालक हो या वृद्ध, युवा हो या अधेड़, गृहस्थ हो या विरक्त संन्यासी—हर कोई अपने अत्यंत करीब पाता है। देश के किसी भी कोने में चले जाएं, चाहे कोई हिंदी भाषी हो या अहिंदी भाषी, अभिवादन का एक ही स्वर गूंजता है—’जय श्रीराम’ या ‘राम-राम जी’। यह संबोधन हमारे सनातन संस्कारों की पहचान है, जो हमें आपस में जोड़ने के साथ-साथ जीवन में मर्यादा की लक्ष्मण रेखा भी तय करता है।”
सनातन मूल्यों को जानने का केंद्र हैं उत्तर प्रदेश के तीर्थ
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के पौराणिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह राज्य अपने पावन धामों और दिव्य तीर्थों के कारण देश की हृदयस्थली के रूप में सुशोभित है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की पावन भूमियों का वर्णन कुछ इस प्रकार किया:
- अयोध्या: जब भी जीवन के किसी भी पक्ष में मर्यादा और आदर्श की बात आती है, पूरा विश्व अयोध्या और प्रभु श्रीराम की ओर देखता है।
- काशी: जीवन के गूढ़ रहस्यों और अविनाशी सत्य को समझने के लिए लोग काशी का रुख करते हैं।
- मथुरा-वृंदावन: जीवन में निश्छल भक्ति और प्रेम के स्वरूप को जानने के लिए मथुरा-वृंदावन की शरण ली जाती है।
- प्रयागराज: सामाजिक समरसता और संगम के पावन दर्शन प्रयागराज में प्राप्त होते हैं।
सीएम योगी ने कहा कि दुनिया चाहे सनातन धर्म के बारे में कितना भी दुष्प्रचार क्यों न कर ले, लेकिन इसके शाश्वत मूल्यों को सही मायने में समझने का अवसर उत्तर प्रदेश के तीर्थों में ही मिलता है।
शोभायात्रा और कथा का समय
कथा के औपचारिक शुभारंभ से पहले गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक श्रीरामचरितमानस की भव्य पोथी शोभायात्रा निकाली गई।
बैंड-बाजे, शंखध्वनि और 151 वेदपाठी बालकों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली इस शोभायात्रा का माहौल अत्यंत भक्तिमय रहा। कथा स्थल पहुंचकर सीएम योगी और यजमानों ने व्यासपीठ का पूजन किया।
इसके बाद प्रयागराज से पधारे कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान कराया। यह कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य
इस पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, यजमान बैजनाथ जायसवाल, अमित जायसवाल सहित अनेक साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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