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कुष्ठावस्था पेंशन योजना: योगी सरकार ने दिव्यांगजनों को दी मजबूत मदद, कुष्ठ रोग से प्रभावितों को 3000 रुपये मासिक पेंशन

उत्तर प्रदेश सरकार की कुष्ठावस्था पेंशन योजना कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगजनों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस योजना के तहत पेंशन राशि 2500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। नौ वर्षों में लाभार्थियों की संख्या 4765 से बढ़कर 13,667 हो गई है।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की कुष्ठावस्था पेंशन योजना कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगजनों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस योजना के तहत पेंशन राशि 2500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। नौ वर्षों में लाभार्थियों की संख्या 4765 से बढ़कर 13,667 हो गई है। पीएफएमएस और ई-पेमेंट के जरिए पेंशन सीधे बैंक खातों में पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर कुष्ठ प्रभावित दिव्यांगजनों को सम्मान और संबल प्रदान कर रही है।

योजना का उद्देश्य और पात्रता

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा चलाई जा रही कुष्ठावस्था पेंशन योजना का मुख्य मकसद कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांग हुए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को हर महीने नियमित मदद देना है। इस योजना का फायदा उन लोगों को मिलता है जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं, जिनकी परिवार की सालाना आय दो लाख रुपये से ज्यादा नहीं है और जो किसी दूसरी सरकारी पेंशन योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं।

कुष्ठ रोग से प्रभावित होने के बाद दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर लाभार्थी चुने जाते हैं। खास बात यह है कि इस योजना में दिव्यांगता प्रतिशत की कोई न्यूनतम सीमा नहीं रखी गई है।

पेंशन राशि में बढ़ोतरी

शुरू में इस योजना के तहत लाभार्थियों को 2500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती थी। वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर इसे बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया। इस बढ़ोतरी से लाभार्थियों को ज्यादा आर्थिक मदद मिल रही है और उनके रोजमर्रा के खर्चों में आसानी हुई है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 में जहां 4,765 लाभार्थी योजना से जुड़े थे, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 13,667 पहुंच गई है। इससे साफ है कि योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

सीधे खाते में पेंशन ट्रांसफर

योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि पेंशन की रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। पीएफएमएस प्रणाली और कोषागार की ई-पेमेंट व्यवस्था के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी होती है। इससे समय की बचत होती है और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम हो जाती है।

लाभार्थी का चयन मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र पर आधारित होता है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी गई है।

आसान ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

सरकार ने आवेदन को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। पात्र व्यक्ति sspy-up.gov.in पोर्टल पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इस डिजिटल व्यवस्था से गांव और दूर-दराज इलाकों के लोगों को खास फायदा हुआ है। अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।

अधिकारी का बयान

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार पात्र दिव्यांगजनों को समय पर और पारदर्शी तरीके से पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है और उन्हें सामाजिक सम्मान भी मिल रहा है।

कुष्ठावस्था पेंशन योजना उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजन कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। सरकार का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचे, खासकर उन लोगों तक जो स्वास्थ्य समस्याओं के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

इस योजना के जरिए हजारों परिवारों को आर्थिक स्थिरता मिल रही है। नियमित पेंशन से लाभार्थी अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर पा रहे हैं और आत्मसम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। प्रदेश सरकार आगे भी ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं को और बेहतर बनाने का काम करेगी।

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