PM Modi Address Today: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश के नाम संबोधन करने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, यह संबोधन महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम और संबंधित संविधान संशोधन बिल पर केंद्रित हो सकता है। कल लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाया, जिसके बाद प्रधानमंत्री विपक्ष के रवैये से नाराज दिखे। बिल में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का प्रावधान था।
पीएम मोदी का रात 8:30 बजे संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार 18 अप्रैल 2026 को रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस संबोधन में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा होने की पूरी संभावना है। कल शुक्रवार को लोकसभा में यह बिल पास नहीं हो सका। यह मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में पहला मौका है जब कोई सरकारी बिल विपक्ष के विरोध के कारण गिर गया।
महिला आरक्षण बिल पर संसद में घमासान
संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए लाया गया संविधान (131वां संशोधन) बिल लोकसभा में वोटिंग पर आया। बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट किया, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। संविधान संशोधन बिल के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है, जो हासिल नहीं हो सका। इस बिल का मकसद संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना, लोकसभा की सीटें बढ़ाना और परिसीमन करना था।
कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी की नाराजगी
आज कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री मोदी भावुक और नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं करके गलती की है। अब उन्हें इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। पीएम ने कहा कि विपक्ष ने देश की महिलाओं को हराया है और उन्हें जन-जन तक, गांव-गांव तक यह संदेश पहुंचाना चाहिए। उन्होंने सभी सांसदों से अपील की थी कि घर में मां, बहन, बेटी और पत्नी का स्मरण करते हुए अंतरात्मा की आवाज सुनें और नारी शक्ति को नए अवसरों से वंचित न करें।
पीएम मोदी की सांसदों से अपील
कल लोकसभा में प्रधानमंत्री ने सांसदों से भावुक अपील की थी। उन्होंने कहा, “मैं सभी सांसदों से कहूंगा कि आप अपनी अंतरात्मा को सुनिए। देश की नारीशक्ति की सेवा और उनके वंदन का यह बड़ा अवसर है। आइए, हम मिलकर इतिहास रचें और भारत की आधी आबादी को उसका हक दें।” अगर यह संशोधन सर्वसम्मति से पास होता तो देश की महिलाएं और मजबूत होतीं तथा लोकतंत्र भी सशक्त होता।
सियासी घमासान जारी
बिल पास न होने के बाद संसद में सियासी घमासान बढ़ गया है। सरकार का कहना है कि विपक्ष ने महिलाओं के हक पर राजनीति की। वहीं विपक्ष का पक्ष अलग है। प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे को जनता तक पहुंचाने पर जोर दे रहे हैं। उनका संबोधन इस पूरे मामले पर लोगों को स्पष्ट जानकारी दे सकता है।
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