रायपुर/कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की एक नई और बेहद खूबसूरत इबारत लिखी जा रही है। राज्य के कबीरधाम (कवर्धा) जिले में ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से मजबूत और आर्थिक रूप से पूरी तरह स्वावलंबी बनाने के लिए एक बेहद सराहनीय और अनूठी पहल की शुरुआत की गई है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत ‘वंदे मातरम् संकुल स्तरीय संघ’ से जुड़ी 35 महिला स्व-सहायता समूह (SHG) की दीदियों को विशेष तकनीकी ट्रेनिंग देकर “सोलर दीदी” (Solar Didi) के रूप में तैयार किया गया है। इस विशेष प्रशिक्षण को पूरा करने के बाद अब ये ग्रामीण महिलाएं पुरुषों के वर्चस्व वाले तकनीकी क्षेत्र में कदम रख चुकी हैं और गांवों में सौर ऊर्जा संयंत्रों व उपकरणों की स्थापना, संचालन और उनकी मरम्मत का पूरा मोर्चा खुद संभालेंगी।
विशेषज्ञों ने सिखाए इंजीनियरिंग के गुर
आयोजित किए गए इस विशेष तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुभवी विषय विशेषज्ञों द्वारा इन ग्रामीण महिलाओं को सोलर सिस्टम की हर छोटी-बड़ी बारीकियों से रूबरू कराया गया। ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं को मुख्य रूप से:
- सोलर पैनल और उसकी आंतरिक तकनीकी कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई।
- सोलर सिस्टम और इनवर्टर के इंस्टॉलेशन (स्थापना) की सही और सुरक्षित वैज्ञानिक प्रक्रिया सिखाई गई।
- सौर उपकरणों की लाइफ बढ़ाने के लिए उनके नियमित रखरखाव (Maintenance) के तरीके बताए गए।
सोलर पैनल में अचानक खराबी आने पर फॉल्ट ढूंढने और उसके त्वरित व्यावहारिक निवारण (Troubleshooting) के तौर-तरीके सिखाए गए।
इस नवाचार का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर लाइट या संयंत्र खराब होने पर अब ग्रामीणों को हफ्तों तक इंजीनियरों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही शहरों के चक्कर काटने पड़ेंगे। अब उनके अपने ही गांव की ‘सोलर दीदी’ घर आकर कुछ ही मिनटों में तकनीकी खराबी को दूर कर देगी।
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को मिलेगी अभूतपूर्व रफ्तार
यह बेहतरीन अभियान केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत और प्रभावी बनाएगा। ये प्रशिक्षित सोलर दीदियां ग्रामीण घरों, सरकारी स्कूलों, और स्थानीय सामुदायिक भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र (रूफटॉप सोलर) स्थापित करने में सीधे तौर पर तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगी।
इससे एक तरफ जहां छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में क्लीन और ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) का तेजी से विस्तार होगा, वहीं दूसरी ओर नए सोलर प्लांट लगाने पर मिलने वाले इंसेंटिव/कमीशन और तकनीकी सर्विस चार्ज (विजिटिंग फीस) के माध्यम से इन महिलाओं की मासिक आय में शानदार इजाफा होगा।
महिला सशक्तिकरण और सतत विकास का रोल मॉडल
इस योजना की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण परिवेश की महिलाओं के जीवन में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर सोलर पैनल और बिजली से जुड़े कामों को पुरुष प्रधान माना जाता रहा है, लेकिन इन दीदियों ने इस रूढ़िवादी सोच को पीछे छोड़ते हुए अपनी एक नई और तकनीकी पहचान बनाई है।
यह पहल कबीरधाम जिले को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज की अन्य लाखों महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनेगी।
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