HomeTop Newsहंड़िया दारू बनाने वाली महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार देने की तैयारी

हंड़िया दारू बनाने वाली महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार देने की तैयारी

—झारखंड सरकार ने फूलो झानो आशीर्वाद योजना से जोडने का दिया निर्देश —मुख्यधारा में लौटीं ग्रामीण महिलाओं की निगरानी की जाएगी रांची /नितिन कुमार : झारखंड के ग्रामीण विकास सचिव डॉ. मनीष रंजन ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखकर हडिय़ा दारू बिक्री एवं निर्माण से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर […]

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—झारखंड सरकार ने फूलो झानो आशीर्वाद योजना से जोडने का दिया निर्देश
—मुख्यधारा में लौटीं ग्रामीण महिलाओं की निगरानी की जाएगी

रांची /नितिन कुमार : झारखंड के ग्रामीण विकास सचिव डॉ. मनीष रंजन ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखकर हडिय़ा दारू बिक्री एवं निर्माण से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जोडऩे और उनके लिए सम्मानजनक रोजगार का प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ग्रामीण विकास सचिव ने पहले की इस अभियान की लाभार्थी महिलाओं को भी समय पर सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश उपायुक्तों को दिया है। पत्र के माध्यम से रंजन ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करने की बात कही है। इसके तहत वैसी महिलाएं, जो हडिय़ा दारू बिक्री एवं इसके निर्माण से जुड़ी हैं, उनको प्राथमिकता के आधार पर अभियान से जोड़कर सशक्त आजीविका उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

ग्रामीण विकास सचिव ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत मुख्यधारा में लौटीं ग्रामीण महिलाओं की निगरानी, काउंसङ्क्षलग की जाएगी और उनसे लगातार संवाद कायम रखा जाएगा। उन्होंने उपायुक्तों को लिखे पत्र में अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत राज्य स्थापना दिवस के दिन 15 नवंबर से करने की बात कही है। अभियान के दूसरे चरण में वैसी महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाना सुनिश्चित करना है, जो अभी भी हडिय़ा दारू बिक्री एवं निर्माण कार्यों से जुड़ी हैं। फूलो झानो आशीर्वाद अभियान का क्रियान्वयन झारखण्ड राज्य आजीविका प्रोन्नयन सोसाइटी द्वारा किया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक हडिय़ा दारू निर्माण एवं बिक्री से जुड़ीं 14,000 से ज्यादा ग्रामीण महिलाओं को सशक्त आजीविका से जोड़ा गया है। इन महिलाओं को सखी मंडल में जोड़कर आजीविका के विभिन्न साधन उपलब्ध कराए गए हैं एवं ब्याज मुक्त कर्ज के साथ तकनीकी मदद भी की जाती है।

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