गांधीनगर। गुजरात में मई में हेलमेट को लेकर चलाए गए अभियान के दौरान 1.88 लाख से अधिक वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई और करीब 5.21 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया।
यह विशेष ‘हेलमेट ड्राइव’ 1 मई से 31 मई तक राज्य के सभी हिस्सों में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के निर्देश पर चलाया गया था। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ाना, सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना और ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना था।
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी की गई कार्रवाई रही। ट्रैफिक पुलिस को सरकारी दफ्तरों के प्रवेश द्वारों पर तैनात किया गया था, जिसके दौरान हेलमेट नियमों का उल्लंघन करने वाले 5,123 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई।
इन कर्मचारियों और अधिकारियों से कुल 16.58 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। पुलिस महानिदेशक जी.एस. मलिक ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि गुजरात पुलिस का लक्ष्य हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वाहन चालकों और पीछे बैठने वालों को हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग सिर्फ पुलिस के डर या जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार की सुरक्षा के लिए करना चाहिए।
डीजीपी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की साझा जिम्मेदारी है और लोगों से ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।
उन्होंने यह भी बताया कि कई सड़क हादसों की जांच में यह पाया गया है कि हेलमेट पहनने से गंभीर दुर्घटनाओं में भी लोगों की जान बच गई।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में परिवारों को बाद में यह अफसोस हुआ कि अगर बुनियादी सुरक्षा उपाय अपनाए गए होते तो जान बच सकती थी।
पुलिस प्रमुख ने यह भी बताया कि कुछ अभियानों में जागरूकता के तहत पुलिस ने नियम तोड़ने वालों को गुलाब या हेलमेट देकर उन्हें सुरक्षा का महत्व समझाया।
अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान इस बात को मजबूत करता है कि ट्रैफिक नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे वह आम नागरिक हों या सरकारी कर्मचारी।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

